आम आदमी पार्टी के संयोजक और ​पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा की मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है.

नई दिल्ली सीट से प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल को 4,089 वोटों से हराया.

प्रवेश वर्मा भारतीय जनता पार्टी का पंजाबी और जाट चेहरा हैं. प्रवेश ‘राष्ट्रीय स्वयं’ नाम का एक सामाजिक सेवा संगठन भी चलाते हैं.

वो दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता दिवंगत साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं. यह परिवार दिल्ली के प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक है.

प्रवेश वर्मा के चाचा भी राजनीति में हैं. वह उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर रह चुके हैं और उन्होंने मुंडका से 2013 में विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था.

प्रवेश की पत्नी स्वाति सिंह मध्य प्रदेश के भाजपा नेता विक्रम वर्मा की बेटी हैं. प्रवेश वर्मा की दो बेटियां और एक बेटा है.

चुनाव प्रचार में उनकी दोनों बेटियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था.

प्रवेश वर्मा के पिता पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा की गिनती भाजपा के दिग्गज नेताओं में होती थी. वह बीजेपी के दिग्गज जाट नेताओं में से एक थे.

​पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए प्रवेश वर्मा ने भी राजनीति में प्रवेश किया.

प्रवेश वर्मा ने 2013 में पहली बार चुनाव लड़ा और महरौली से विधायक बने.बीजेपी ने 2019 लोकसभा चुनाव में उन्हें पश्चिमी दिल्ली से टिकट दिया.

इस चुनाव में वर्मा ने पांच लाख से भी ज़्यादा वोट से जीत हासिल की.

इसके बाद वह संसद सदस्यों के वेतन और भत्ते संबंधी संयुक्त संसदीय समिति और शहरी विकास संबंधी स्थायी समिति के सदस्य भी रहे.

इसके बाद 2024 में बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया.

फिर पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनाव में उतारा तो उन्होंने अरविंद केजरीवाल को मात दे दी.

चुनाव के दौरान उन्होंने बहुत आक्रामकता के साथ केजरीवाल और आम आदमी पार्टी सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की. प्रदूषण प्रबंधन, बुनियादी ढांचे सहित कई मामलों पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी.

चुनाव में संसाधनों के दुरुपयोग, यमुना प्रदूषण और मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर बीजेपी के ‘शीश महल’ के आरोपों को लेकर अरविंद केजरीवाल से उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई.प्रवेश वर्मा का जन्म 1977 में हुआ था. उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की.

इसके बाद किरोड़ीमल कॉलेज से बीए की डिग्री और फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए किया.

प्रवेश वर्मा बीजेपी के अरबपति विधायकों में से एक हैं.

चुनाव आयोग को दिए हलफ़नामे के अनुसार उनके पास कुल 115 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है.

अपने उग्र बयानों के कारण वो कई बार विवादों में घिर चुके हैं. 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल के बारे में एक आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी. इसके बाद चुनाव आयोग ने उन पर 24 घंटे के लिए प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया था.

2025 के चुनाव के दौरान भी प्रवेश वर्मा पर महिला मतदाताओं को जूते बांटने का आरोप लगा था जिसके बाद चुनाव आयोग में उन पर आदर्श आचार संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था.

राजनीतिक विश्लेषक जय मृग कहते हैं, “बीजेपी पहले दिन से ही अपने अगले चुनाव की तैयारी करने लगती है. अगला चुनाव केवल उसी राज्य का ही चुनाव नहीं होता वह किसी अन्य राज्य का भी चुनाव होता है. हरियाणा में माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में गैर जाट समुदाय ने बीजेपी को वोट दिया. ऐसे में बीजेपी के लिए यह अवसर है कि एक जाट चेहरा वापस लाए. ऐसे में प्रवेश वर्मा हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनके काम आ सकते हैं.”


दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 45.56 फ़ीसदी वोट मिले हैं.
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